बीज विक्रय केंद्रों के निरीक्षण में मिलीं कई अनियमितताएं

तीन प्रतिष्ठानों का धान बीज जब्त, विक्रय प्रतिबंधित
खरीफ के लिए किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए गरियाबंद जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। देवभोग और मैनपुर विकासखंड में कृषि विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई बीज विक्रय केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्रवाई के तहत तीन प्रतिष्ठानों में उपलब्ध धान बीज जब्त कर सील किया गया, जबकि कुल 666 बैग धान बीज के विक्रय पर 10 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सहायक संचालक अनिल कुमार कौशिक तथा बीज निरीक्षक की टीम ने देवभोग और मैनपुर ब्लॉक के चार बीज विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीनापाली स्थित मेसर्स विकास ट्रेडर्स एवं मेसर्स शारदा बीज उत्पाद तथा मैनपुर विकासखंड के ढोर्रा स्थित मेसर्स लच्छु धान बीज एवं मक्का भंडार और धनौरा स्थित मेसर्स मिश्रा ट्रेडर्स में बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
निरीक्षण में विकास ट्रेडर्स सीनापाली द्वारा अघोषित परिसर में बीज भंडारण, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के बीज विक्रय, विक्रय संबंधी अभिलेखों का संधारण नहीं करना तथा मासिक प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को प्रस्तुत नहीं करना पाया गया। वहीं अन्य तीन प्रतिष्ठानों में भी अघोषित भंडारण, मूल्य सूची का प्रदर्शन नहीं करना, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के बीज बेचना, अभिलेखों का संधारण नहीं करना, मासिक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करना और बिना लाइसेंस के बीज विक्रय जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली ऐसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों को निर्धारित दर पर प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद और बीज केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा प्रत्येक खरीद पर पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने कहा है कि बिना लाइसेंस या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद-बीज बेचने की जानकारी मिलने पर तत्काल अधिकारियों को सूचित करें।



